हजारों आदिवासियों के प्रदर्शन के आगे झुका प्रशासन, धमतरी कलेक्टर कार्यालय छोड़कर पहुंचे प्रदर्शन स्थल, कई मांगों पर सहमति
45 गांवों के हजारों ग्रामीणों का कलेक्ट्रेट मार्ग पर प्रदर्शन, कलेक्टर बोले- सकारात्मक चर्चा हुई और कई बिंदुओं पर सहमति बनी

धमतरी. मूलभूत सुविधाओं की मांगों को लेकर उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र के करीब 45 गांवों के हजारों ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है. सोमवार को धमतरी कलेक्ट्रेट घेराव करने निकले आदिवासियों का प्रदर्शन दोपहर करीब 2 बजे से शुरू हुआ देर शाम तक जारी रहा. कलेक्ट्रेट मार्ग पर डटे हजारों प्रदर्शनकारियों को देखते हुए कलेक्टर भी उनके बीच पहुंचे और उनकी समस्याओं को सुना. ग्रामीणों का कहना था कि वनांचल क्षेत्र के कई गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं. बरसात के दिनों में सड़क और पुल-पुलिया के अभाव में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है. कई गांवों में मोबाइल नेटवर्क की समस्या भी बनी हुई है, जिससे ग्रामीणों को संचार सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पाता. इन समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर ग्रामीण बड़ी संख्या में धमतरी पहुंचे थे. प्रदर्शनकारियों ने सड़क, पुल-पुलिया, बिजली, मोबाइल नेटवर्क, स्वास्थ्य सुविधाएं और अन्य मूलभूत समस्याओं के निराकरण की मांग की. कलेक्ट्रेट मार्ग पर लंबे समय तक स्थिति तनावपूर्ण बनी रही. स्थिति को देखते हुए कलेक्टर अबिनाश मिश्रा को स्वयं कार्यालय से बाहर आकर ग्रामीणों के बीच पहुंचना पड़ा. कलेक्टर ने ग्रामीणों से चर्चा की और उनकी समस्याओं को विस्तार से सुना. इस दौरान ग्रामीणों ने 7 सूत्रीय मांग पत्र सौंपते हुए अपनी समस्याओं और मांगों से प्रशासन को अवगत कराया. कुछ मांगों पर तत्काल कार्रवाई का आश्वासन कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने बताया कि ग्रामीणों की मांगों में से कुछ मांगों पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी, जबकि कुछ कार्यों के लिए निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करना आवश्यक है. उन्होंने बताया कि उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र होने के कारण वहां विकास कार्यों के लिए अलग नियम और प्रावधान लागू होते हैं, इसलिए कई योजनाओं को स्वीकृति मिलने में समय लगता है. सड़क निर्माण की मंजूरी के लिए प्रक्रिया कलेक्टर ने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से क्षेत्र में पुल निर्माण के निर्देश दिए गए हैं और इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है. कुछ सड़कों के निर्माण के लिए भी स्वीकृतियां प्राप्त करने की प्रक्रिया जारी है. उन्होंने बताया कि टाइगर रिजर्व क्षेत्र में पहले से कई विकास कार्य संचालित हैं और प्रशासन ग्रामीणों की सभी जायज मांगों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है. रेंजर को हटाने की अलग प्रक्रिया ग्रामीणों ने रेंजर को हटाने की भी मांग रखी है. इस पर कलेक्टर ने कहा कि संबंधित अधिकारी के स्थानांतरण के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है. उन्होंने स्पष्ट किया कि स्थानांतरण और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में समय लगता है. वहीं पुल निर्माण जैसे बड़े कार्यों को पूरा होने में लगभग एक से डेढ़ वर्ष का समय लग सकता है, जबकि कुछ अन्य कार्य एक वर्ष के भीतर पूरे किए जा सकते हैं. मोबाइल टावर स्थापना, रेंजर के स्थानांतरण सहित कई मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई और कई बिंदुओं पर सहमति बनी है. प्रशासन की ओर से समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन भी दिया गया है.- अबिनाश मिश्रा, कलेक्टर आंदोलन किया गया समाप्त प्रदर्शनकारियों ने कहा कि प्रशासन के साथ चर्चा और आपसी बैठक के बाद आंदोलन को समाप्त करने का निर्णय लिया गया है. ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन आश्वासनों पर जल्द अमल करेगा और वर्षों से लंबित उनकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा.



