सुकमा: तूफान पीड़ितों को अब तक नहीं मिली राहत, कांग्रेस ने कलेक्टर से की त्वरित कार्रवाई की मांग
30 दिन बाद भी मुआवजा राशि लंबित; प्रभावित परिवारों को राहत, सर्वे और भुगतान प्रक्रिया तेज करने की उठी मांग।

सुकमा: तूफान को 1 महीना बीता, मुआवजा नहीं मिला; कांग्रेस ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, जल्द से जल्द प्राकृतिक आपदा से पीड़ित परिवारों को राहत देने की गई मांग* और इस दौरान मौजूद रहे जिला मुख्यालय के समस्त सरपंच वार्ड पंच जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी नगर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता, *सुकमा।* पिछले महीने सुकमा जिले में आए भीषण आंधी-तूफान से सैकड़ों गरीब परिवारों के मकान क्षतिग्रस्त हो गए थे। घटना को 30 दिन से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन आज तक पीड़ित परिवारों को राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 के तहत मिलने वाली प्राकृतिक आपदा राहत राशि नहीं मिली है। इसी समस्या को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष *हरीश कवासी लखमा* के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया कि चक्रवात से जिले के विभिन्न गांवों में कच्चे-पक्के मकान तहस-नहस हो गए थे। पटवारियों ने मौके पर जाकर मुआयना कर पंचनामा भी तैयार कर लिया, लेकिन शासन के निर्देश अनुसार 7 दिन के भीतर मिलने वाली राहत राशि आज एक माह बाद भी पीड़ितों के खाते में नहीं पहुंची है। *मानसून की मार, लोग परेशान* कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मानसून शुरू हो चुका है और कई परिवार टूटी छतों के नीचे या प्लास्टिक तानकर रहने को मजबूर हैं। बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे बारिश में भीग रहे हैं। पीड़ित परिवार बार-बार तहसील और जनपद कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही। *हरीश कवासी लखमा* ने कहा कि "गरीब आदिवासी परिवारों को उनका हक मांगने के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं, यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। पटवारी बोलते हैं ऊपर से पैसा नहीं आया, बाबू बोलते हैं फाइल रुकी है। अगर समय पर राहत नहीं मिली तो किसी दिन कोई अप्रिय घटना हो सकती है।" *कलेक्टर से 4 प्रमुख मांगें* ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने कलेक्टर से मांग की है कि: 1. आरबीसी 6-4 के तहत स्वीकृत मुआवजा राशि तत्काल सभी पात्र हितग्राहियों के बैंक खाते में जमा कराई जाए। 2. जिन गांवों का मुआयना शेष है, वहां 3 दिन के भीतर टीम भेजकर पंचनामा बनाकर भुगतान प्रक्रिया पूरी की जाए। 3. काम में लापरवाही बरतने वाले पटवारी और राजस्व निरीक्षकों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाए। 4. बारिश से बचाव के लिए प्रभावित परिवारों को तिरपाल और अस्थायी शेड की तत्काल व्यवस्था की जाए। कलेक्टर ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी करने का आश्वासन देते हुए एक हफ्ते साथ दिवस के अंदर राहत पहुंचाने की बात कही, *कांग्रेस ने कहा कि यदि निर्धारित समय में राहत नहीं मिली तो मजबूरन आगे का रास्ता अपनाना पड़ेगा*



