साय सरकार का सुशासन सिर्फ विज्ञापनों में - डॉ. शिवकुमार डहरिया
साय सरकार का सुशासन सिर्फ विज्ञापनों में, जनता भुगत रही महंगी बिजली का दंश : डॉ. शिवकुमार डहरिया

आरंग। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (सीएसईआरसी) द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बिजली दरों में की गई वृद्धि को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. शिवकुमार डहरिया ने कहा है कि साय सरकार का सुशासन केवल विज्ञापनों तक सीमित है, जबकि वास्तविकता में प्रदेश की जनता महंगी बिजली और बढ़ती महंगाई का दंश झेल रही है। डॉ. डहरिया ने कहा कि पूर्ववर्ती भूपेश बघेल सरकार ने अपने पांच वर्षों के कार्यकाल में आम जनता, किसानों और गरीब परिवारों को राहत देने का कार्य किया था। कांग्रेस सरकार की ‘हाफ बिजली बिल योजना’ से लाखों परिवारों को सीधा लाभ मिला था, वहीं किसानों को मुफ्त एवं रियायती दरों पर बिजली उपलब्ध कराई गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार सत्ता में आते ही जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ाने में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि बिजली कंपनियों ने 24 प्रतिशत तक बिजली दर बढ़ाने का प्रस्ताव दिया था। हालांकि नियामक आयोग ने इसे कम करते हुए औसतन 6.23 प्रतिशत वृद्धि को मंजूरी दी है, लेकिन इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं और किसानों पर पड़ेगा। नई दरें 1 जुलाई 2026 से लागू होंगी। कांग्रेस नेता ने बताया कि नई दरों के अनुसार घरेलू उपभोक्ताओं को अब 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट अधिक भुगतान करना होगा। वहीं व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए भी बिजली 20 से 40 पैसे प्रति यूनिट तक महंगी हो जाएगी। कृषि पंप उपभोक्ताओं के लिए 40 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि किसानों की लागत बढ़ाने वाली साबित होगी। डॉ. डहरिया ने कहा कि एक ओर आम आदमी पहले से ही महंगाई की मार झेल रहा है, दूसरी ओर बिजली दरों में बढ़ोतरी कर सरकार ने जनता और किसानों की कमर तोड़ने का काम किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बढ़ी हुई बिजली दरों को तत्काल वापस नहीं लिया गया, तो कांग्रेस ब्लॉक से लेकर जिला स्तर तक व्यापक जनआंदोलन करेगी। कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर प्रदेशभर में आंदोलन की रणनीति तैयार कर ली है। ऐसे में आने वाले दिनों में बिजली दर वृद्धि को लेकर राजनीतिक गतिविधियां और तेज होने की संभावना है।



