बस्तर की आवाज’ पहल: 1000 से अधिक बच्चों तक पहुंचा अधिकार और सुरक्षा का संदेश
बस्तर की आवाज’ पहल: 1000 से अधिक बच्चों तक पहुंचा अधिकार और सुरक्षा का संदेश

किरंदुल।युवाओं द्वारा चलाई जा रही सामाजिक जागरूकता पहल ‘बस्तर की आवाज’ (वॉइस ऑफ बस्तर) के जरिए बस्तर क्षेत्र के सरकारी विद्यालयों और आदिवासी समुदायों के 1000 से अधिक बच्चों तक अधिकारों और सुरक्षा से जुड़ी जानकारी पहुंचाई गई हैं।पहल के तहत आयोजित सत्रों में बच्चों को मौलिक अधिकार, संवैधानिक अधिकार, बाल अधिकार, महिला अधिकार, पॉक्सो अधिनियम (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम), साइबर सुरक्षा, डिजिटल सुरक्षा, व्यक्तिगत सुरक्षा और हेल्पलाइन सेवाओं जैसे अहम विषयों की आसान भाषा में जानकारी दी गई।इस पहल की संस्थापक मिताली वर्मा, बी.ए. एल.एल.बी. की छात्रा, खुद स्कूलों में जाकर बच्चों से सीधा संवाद कर रही हैं।ग्रामीण और आदिवासी अंचलों के बच्चों तक कानूनी और सुरक्षा संबंधी बुनियादी जानकारी पहुंचाना इस अभियान की प्राथमिकता है। अभियान के दौरान टीम ने बच्चों की समस्याओं को सुना और विद्यालयों में उपलब्ध सुविधाओं का जायजा भी लिया। आयोजकों का कहना है कि इसका उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उन्हें सुरक्षित व सशक्त बनाना हैं। अब तक 1000 से अधिक बच्चों तक पहुंचना इस युवा पहल की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है। कार्यक्रमों के फोटो, विद्यार्थियों के फीडबैक और अन्य दस्तावेज भी रिकॉर्ड के रूप में सुरक्षित रखे गए हैं।



