नीट पेपर लीक मामले में केन्द्रीय शिक्षा मंत्री इस्तीफा दे - राजेश नाग
स्टूडेंट्स के मौत का जिम्मेदार बीजेपी सरकार

यह एक बेहद दुखद और संवेदनशील विषय है। NEET पेपर लीक कांड में लगातार छात्रों ने आत्महत्या का कदम उठाया। आखिर क्यों ये कदम पुरे परिवार और हर एक छात्र छात्राओं के परिवार जो मानसिक तनाव में हैं। बीते दो दिन में रिपोर्टों के अनुसार, इंदौर की NEET अभ्यर्थी निक्की यादव का शव खरगोन जिले में नर्मदा नदी से बरामद हुआ है। यह भी सच है कि NEET जैसी अत्यधिक प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं का दबाव कई छात्रों पर गंभीर मानसिक प्रभाव डालता है। हाल के वर्षों में परीक्षा तनाव, परिणामों की चिंता और करियर के दबाव से जुड़े कई दुखद मामले सामने आए हैं। केंद्र सरकार शिक्षा मंत्रालय या किसी मंत्री के इस्तीफे की मांग का प्रश्न है कि विभिन्न छात्र संगठन और कुछ सामाजिक-राजनीतिक समूह समय-समय पर NEET व्यवस्था में सुधार या जवाबदेही की मांग करते रहे हैं। हालांकि यह कहना कि "लगातार सभी छात्र केंद्रीय शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांग रहे हैं", एक व्यापक दावा होगा जिसके लिए ठोस और व्यापक प्रमाण आवश्यक हैं। "NEET जैसी प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं का बढ़ता दबाव छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए गंभीर चुनौती बनता जा रहा है। खरगोन में निक्की यादव की मृत्यु जैसी घटनाएँ समाज, शिक्षा व्यवस्था और सरकार सभी के लिए चिंता का विषय हैं। आज यह चिंता पुरा देश के चिंता बन गया है आज ये देश के भविष्य जो युवा है इस तरह मानसिक तनाव में आ गए हैं आज हमारे परिवार भी गांठ बांध कि इस तरह हमारे बच्चे मौत का कदम उठा रहे हैं और वर्तमान बीजेपी की सरकार लोगों को बेवकूफ बना रहे हैं आप सभी छात्र-छात्राओं और माता-पिता भी जान लेकिन ये सरकार के लोग लोगों को हिन्दू मुस्लिम भी उलझा के रखे हुए हैं आज स्टूडेंट्स,किसान, महिलाएं, नौजवान, कर्मचारी सभी परेशान हैं लेकिन कोई सुनने तक वाला नहीं है आज हमारे बच्चों के भविष्य के लिए शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए और इस मामले में सभी दोषियों को कारवाई करें जिससे जो भी बच्चे गलत कदम उठाकर आज दुनिया में नहीं रहें और उनके परिवार को भी कम से कम शांति मिलें। राजेश नाग जिलाध्यक्ष बस्तरिया राज युवा मोर्चा जिला सुकमा



