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दिल्ली में पत्रकारों पर हमले की छत्तीसगढ़ के प्रमुख प्रेस क्लबों ने की कड़ी निंदा

दिल्ली में पत्रकारों पर हमले की छत्तीसगढ़ के प्रमुख प्रेस क्लबों ने की कड़ी निंदा

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BASANT SACHDEV
वरिष्ठ संवाददाता
59 दिन पहले 266 मिनट पढ़ें
दिल्ली में पत्रकारों पर हमले की छत्तीसगढ़ के प्रमुख प्रेस क्लबों ने की कड़ी निंदा

रायपुर/कोरबा। कोरबा प्रेस क्लब की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह के अवसर पर आयोजित बैठक में छत्तीसगढ़ के प्रमुख प्रेस क्लबों के अध्यक्षों ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर में कवरेज के दौरान पत्रकारों के साथ हुई हिंसक घटनाओं की एक स्वर में कड़ी निंदा की तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की। बैठक में रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी ने पत्रकारों पर हो रहे हमलों के विरोध में निंदा प्रस्ताव रखा। प्रस्ताव का बिलासपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष अजीत मिश्रा, कोरबा प्रेस क्लब के अध्यक्ष नौशाद खान ने समर्थन किया , इस मौके पर बिलासपुर, कोरबा के वरिष्ठ पत्रकारों और प्रेस क्लब पदाधिकारियों कवरेज के दौरान पत्रकारों पर हिंसा को चिंता जनक बताया और सभी प्रेस क्लब अध्यक्षों ने सर्वसम्मति बना कर ऐसी घटना की निंदा करने का सुझाव रखा। बैठक में वरिष्ठ पत्रकारों ने कहा कि जंतर-मंतर में कवरेज कर रहे वरिष्ठ पत्रकारों रोहित रंजन, देव कोटक, शेफाली, आर्यन आनंद, लोकेश ठाकुर एवं अन्य मीडियाकर्मियों के साथ मारपीट, मोबाइल एवं घड़ी छीनने, कपड़े फाड़ने तथा पत्रकारिता के उपकरणों को नुकसान पहुंचाने जैसी घटनाएं न केवल निंदनीय हैं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों पर भी सीधा आघात हैं। बैठक में इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की गई कि देशभर में पत्रकारों के साथ हिंसा की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। लोकतंत्र में पत्रकारों की भूमिका सत्य को समाज तक पहुंचाने की है। ऐसे में अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर रहे पत्रकारों पर हमला किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार नहीं किया जा सकता। रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी ने कहा कि पत्रकारों पर हमला केवल किसी व्यक्ति विशेष पर हमला नहीं, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को कमजोर करने का प्रयास है। ऐसी घटनाओं के दोषियों पर त्वरित एवं कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में कोई भी पत्रकारों को डराने या सच की आवाज दबाने का दुस्साहस न कर सके। बैठक में प्रस्तावित निंदा प्रस्ताव की जानकारी भिलाई प्रेस क्लब के अध्यक्ष अनिल गुप्ता, राजनांदगांव प्रेस क्लब के अध्यक्ष सचिन अग्रहरि, दुर्ग प्रेस क्लब के अध्यक्ष संतोष मिश्रा तथा जगदलपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मनीष गुप्ता और कांकेर प्रेस क्लब अध्यक्ष योगेश सिन्हा को भी दी गई सभी ने इस प्रस्ताव का समर्थन करते हुए पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की। सभी प्रेस क्लबों ने अपने-अपने प्रेस क्लब में भी संबंध में प्रस्ताव पारित करने की भी बात कही है,, चर्चा में शामिल प्रेस क्लब अध्यक्षों ने संयुक्त रूप से कहा कि पत्रकारों की सुरक्षा लोकतंत्र की सुरक्षा से जुड़ा विषय है। पत्रकारों के साथ हिंसा, धमकी और भय का वातावरण किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। छत्तीसगढ़ के सभी प्रमुख प्रेस क्लब पीड़ित पत्रकारों के साथ पूरी मजबूती से खड़े हैं और केंद्र तथा दिल्ली प्रशासन से दोषियों के विरुद्ध शीघ्र एवं कठोर कार्रवाई की मांग करते हैं।

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