सशक्त महिला और शिक्षित-जागरूक बालिका ही गढ़ेगी सशक्त समाज-सदस्य छत्तीसगढ़ महिला आयोग दीपिका शोरी*
*छत्तीसगढ़ महिला आयोग के सदस्य दीपिका शोरी ने सखी सहेली सेंटर एवं नारी निकेतन का किया आकस्मिक निरीक्षण*

दंतेवाड़ा, 08 अगस्त 2026/ छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की सदस्य दीपिका शोरी ने दंतेवाड़ा स्थित सखी सहेली सेंटर एवं नारी निकेतन का आकस्मिक निरीक्षण कर महिलाओं की सुरक्षा, उनके अधिकारों तथा उन्हें उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की विस्तृत जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को महिलाओं से जुड़े मामलों में पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। सखी सहेली सेंटर के निरीक्षण के दौरान दीपिका शोरी ने स्पष्ट कहा कि किसी भी पीड़िता को शासकीय लापरवाही के कारण न्याय मिलने में देरी नहीं होनी चाहिए। त्वरित एवं निःशुल्क न्याय प्रत्येक पीड़ित महिला का अधिकार है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जिन मामलों में किसी भी प्रकार की अड़चन अथवा समस्या सामने आ रही है, ऐसे प्रकरणों को तत्काल महिला आयोग के संज्ञान में लाया जाए, ताकि आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। इसके बाद उन्होंने नारी निकेतन पहुंचकर वहां रह रही महिलाओं से एक-एक कर संवाद किया। उन्होंने महिलाओं से उनके साथ कर्मचारियों के व्यवहार, स्वास्थ्य सुविधाओं, भोजन, रहन-सहन तथा अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली। महिलाओं ने व्यवस्थाओं को संतोषजनक बताते हुए दीपिका शोरी से मिलकर प्रसन्नता व्यक्त की। *महिला पीड़ितों की संख्या शून्य करना लक्ष्य* इन संस्थाओं का निरीक्षण के बाद दीपिका शोरी ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग और राष्ट्रीय महिला आयोग का मूल उद्देश्य समाज में पीड़ित महिलाओं की संख्या को शून्य करना है। उन्होंने कहा कि जब तक किसी सभ्य समाज में कोई महिला या बालिका पीड़ित होती रहेगी, तब तक उस समाज के वास्तविक विकास की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि आज समाज में महिलाओं एवं बालिकाओं से संबंधित सामने आ रही घटनाएं चिंताजनक हैं। ऐसे में महिलाओं और विशेषकर बालिकाओं को उनके कानूनी अधिकारों की जानकारी देने के साथ-साथ सही और गलत की पहचान के प्रति जागरूक करना बेहद जरूरी है। *जागरूक बालिका बनेगी सुरक्षित और आत्मनिर्भर महिला* छत्तीसगढ़ महिला आयोग के सदस्य दीपिका शोरी ने कहा कि शिक्षित, जागरूक और आत्मनिर्भर बालिका ही आगे चलकर सशक्त महिला बनती है और सशक्त महिलाएं ही मजबूत एवं स्वस्थ समाज का निर्माण करती हैं। उन्होंने बताया कि आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ महिला आयोग द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं को उनके अधिकारों, कानून और सुरक्षा उपायों के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बालिकाओं को बचपन से ही शिक्षा के साथ कानूनी ज्ञान और आत्मविश्वास देना आवश्यक है, ताकि वे किसी भी परिस्थिति में अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा सकें और गलत के खिलाफ मजबूती से खड़ी हो सकें।



