"संविधान हत्या दिवस" - 25 जून 1975 आपातकाल की बरसी पर प्रेस वार्ता
मुख्य वक्ता: श्रीनिवास मिश्रा जी, उपाध्यक्ष केन्द्रीय सहकारी मर्यादित बैंक

सुकमा, 25 जून 2026 - देश पर थोपे गए 25 जून 1975 के आपातकाल की बरसी "सम्विधान हत्या दिवस" के रूप में आज भाजपा द्वारा मनाई गई। जिला भाजपा कार्यालय सुकमा में आयोजित प्रेस वार्ता के मुख्य वक्ता केन्द्रीय सहकारी मर्यादित बैंक के उपाध्यक्ष श्री श्रीनिवास मिश्रा जी रहे। श्री मिश्रा जी ने कहा कि 25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 तक 21 महीने का आपातकाल स्वतंत्र भारत के इतिहास का सबसे काला अध्याय था। इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा इंदिरा गांधी का चुनाव अवैध घोषित होने के बाद सत्ता बचाने के लिए संविधान की धारा 352 का दुरुपयोग कर आधी रात को आपातकाल थोप दिया गया। लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने इसे "भारतीय इतिहास की सर्वाधिक काली अवधि" कहा था। उन्होंने बताया कि आपातकाल में लोकतंत्र को निलंबित कर दिया गया। अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, अरुण जेटली, जॉर्ज फर्नांडिस, नीतीश कुमार, सुशील मोदी, रामविलास पासवान सहित लाखों देशभक्तों को जेल में डाल दिया गया। प्रेस की आजादी छीन ली गई। 3801 अखबार जब्त कर लिए गए, 327 पत्रकारों को MISA के तहत जेल भेज दिया गया। अखबारों की बिजली काट दी गई ताकि सच्चाई छप न सके। श्री मिश्रा जी ने कहा कि बाबा साहेब अंबेडकर द्वारा दिए गए लोकतंत्र को कांग्रेस ने कुचल दिया। आपातकाल के दौरान ही 'पंथनिरपेक्ष' और 'समाजवादी' शब्द संविधान की प्रस्तावना में चुपके से जोड़े गए। सहकारी क्षेत्र भी लोकतंत्र के बिना नहीं चल सकता। कांग्रेस की तानाशाही मनोवृत्ति आज भी लोकतंत्र के लिए खतरा है। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश विशेष आमंत्रित सदस्य अरुण सिंह भदौरिया, किसान मोर्चा के प्रदेश मंत्री सोयम मूका , अध्यक्षता कर रहें दिलीप पेद्दी जिला उपाध्यक्ष भुवनेश्वरी यादव, भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं मीडिया बंधु उपस्थित रहे। सभी ने लोकतंत्र और संविधान की रक्षा का संकल्प लिया।



