नेशनल लोक अदालत में 4791 प्रकरणों का हुआ निराकरण
वर्षों से लंबित मामलों का राजीनामे से हुआ समाधान, 3.29 करोड़ रुपये से अधिक का अवार्ड पारित

दंतेवाड़ा, 13 सितंबर 2026। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के निर्देशानुसार नेशनल लोक अदालत के अंतिम चरण का आयोजन विगत दिवस को किया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार आदित्य के निर्देशानुसार राजस्व जिला दंतेवाड़ा, सुकमा एवं बीजापुर के न्यायालयों को सम्मिलित करते हुए कुल 11 खंडपीठों का गठन किया गया था। इसके साथ ही राजस्व न्यायालयों में भी खंडपीठ गठित कर प्रकरणों की सुनवाई की गई। लोक अदालत में न्यायालयों में लंबित कुल 4888 नियमित प्रकरण रखे गए थे, जिनमें से 4791 प्रकरणों का निराकरण किया गया। निराकृत प्रकरणों में कुल 3,29,32,752 रुपये का अवार्ड पारित किया गया। लोक अदालत का आयोजन भौतिक एवं वर्चुअल, दोनों माध्यमों से किया गया। वर्षों से लंबित मामलों के आपसी राजीनामे के माध्यम से समाधान होने से पक्षकारों के चेहरों पर खुशी देखने को मिली और वे संतोष के साथ अपने घर लौटे। दंतेवाड़ा न्यायालय में गठित विभिन्न खंडपीठों में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार आदित्य, न्यायाधीश परिवार न्यायालय उषा गेंदले, प्रथम जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश मोहन प्रसाद गुप्ता, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश सुनील कुमार जायसवाल, द्वितीय जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डी.पी. सिंह दांगी, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) भूपत सिंह साहू, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट/व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी अपूर्वा दांगी, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी/व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी हर्षवर्धन जायसवाल तथा न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी/व्यवहार न्यायाधीश कनिष्ठ श्रेणी सीमा नेताम शामिल रहे। व्यवहार न्यायालय बीजापुर में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट/व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी रोजमीन खाखा तथा व्यवहार न्यायालय सुकमा में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट/व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी रमेश चौहान के नेतृत्व में खंडपीठ गठित की गई। व्यवहार न्यायालय बचेली के प्रकरण खंडपीठ क्रमांक 08 में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी/व्यवहार न्यायाधीश हर्षवर्धन जायसवाल के समक्ष प्रस्तुत किए गए। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दंतेवाड़ा, सुकमा एवं बीजापुर द्वारा अधिक से अधिक प्रकरणों को राजीनामे के माध्यम से निराकरण के लिए लोक अदालत में रखा गया। लोक अदालत के सफल आयोजन में भारतीय स्टेट बैंक, अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति, ग्रामीण बैंक एवं विद्युत विभाग का महत्वपूर्ण एवं सराहनीय योगदान रहा। सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा लोक अदालत के सफल आयोजन में सहयोग के लिए सभी न्यायिक अधिकारियों, पक्षकारों एवं कर्मचारीगण के प्रति आभार व्यक्त किया गया।



