नकटी बेदखली मामला: डॉ. शिवकुमार डहरिया ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना, न्यायिक जांच और पुनर्वास की उठाई मांग
नकटी बेदखली मामला: डॉ. शिवकुमार डहरिया ने भाजपा सरकार पर साधा निशाना, न्यायिक जांच और पुनर्वास की उठाई मांग

आरंग। रायपुर जिले के नकटी गांव में हुई बेदखली की कार्रवाई को लेकर पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस नेता डॉ. शिवकुमार डहरिया ने भाजपा सरकार और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने इसे प्रशासनिक कार्रवाई नहीं, बल्कि गरीब परिवारों के साथ अमानवीय व्यवहार बताते हुए न्यायिक जांच की मांग की है। जारी प्रेस वक्तव्य में डॉ. डहरिया ने कहा कि नकटी गांव की विवादित भूमि पर वर्षों से अनेक परिवार निवास कर रहे थे। कई परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान भी स्वीकृत हुए और बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गईं। ऐसे में यदि भूमि अवैध थी, तो सरकारी योजनाओं का लाभ किस आधार पर दिया गया, यह बड़ा सवाल है। उन्होंने आरोप लगाया कि बेदखली के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल और जेसीबी मशीनों का उपयोग किया गया, जिससे 85 से अधिक परिवार प्रभावित हुए। डॉ. डहरिया ने कहा कि बिना पर्याप्त पुनर्वास और संवेदनशील प्रक्रिया अपनाए लोगों के घर तोड़ना मानवीय मूल्यों और संवैधानिक भावना के विपरीत है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का हवाला देते हुए कहा कि किसी भी बेदखली कार्रवाई से पहले नोटिस, सुनवाई, पर्याप्त समय और पुनर्वास की प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए। उनका आरोप है कि नकटी मामले में इन प्रक्रियाओं की अनदेखी की गई। प्रेस वक्तव्य में डॉ. डहरिया ने कहा कि बारिश के मौसम में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को खुले आसमान के नीचे रहने के लिए मजबूर होना पड़ा, जो सरकार की संवेदनहीनता को दर्शाता है। उन्होंने इसे विकास नहीं बल्कि "विनाश की राजनीति" बताया। प्रमुख मांगें पूरे मामले की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए। निर्णय लेने वाले अधिकारियों और दोषियों पर कार्रवाई की जाए। प्रभावित परिवारों का सम्मानजनक पुनर्वास एवं उचित मुआवजा सुनिश्चित किया जाए। भविष्य में बिना वैधानिक प्रक्रिया के बुलडोजर कार्रवाई पर रोक लगाई जाए। डॉ. शिवकुमार डहरिया ने कहा कि कांग्रेस पार्टी प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई होती है तो उसका पुरजोर विरोध किया जाएगा।



