धमतरी में हाईकोर्ट बेंच खुलने से लोगों को मिलेगा सुलभ न्याय, बिलासपुर तक लंबी दूरी का झंझट होगा खत्म
धमतरी, कांकेर, बालोद, गरियाबंद सहित बस्तर संभाग के सभी जिलों के पक्षकारों, अधिवक्ताओं और अधिकारियों को हर सुनवाई हेतु नहीं लगानी पड़ेगी बिलासपुर की दौड़

धमतरी : धमतरी सहित मध्य एवं दक्षिण छत्तीसगढ़ के लोगों के बीच हाईकोर्ट बेंच स्थापित करने की मांग एक बार फिर जोर पकडऩे लगी है। अधिवक्ताओं, सामाजिक संगठनों और नागरिकों का कहना है कि वर्तमान में किसी भी हाई कोर्ट संबंधी मामले के लिए बिलासपुर जाना पड़ता है, जिससे आम नागरिकों को आर्थिक, मानसिक और समय संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। यदि धमतरी में हाई कोर्ट की बेंच स्थापित की जाती है तो यह न केवल धमतरी जिले, बल्कि आसपास के कई जिलों के लाखों लोगों के लिए न्याय व्यवस्था को अधिक सुलभ और प्रभावी बना सकती है। वर्तमान में धमतरी, कांकेर, गरियाबंद, बालोद, महासमुंद, बस्तर संभाग सहित कई जिलों के पक्षकारों, अधिवक्ताओं और सरकारी अधिकारियों को हर सुनवाई के लिए बिलासपुर तक लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। कई मामलों में एक ही तारीख के लिए पूरा दिन यात्रा में निकल जाता है, जिससे अतिरिक्त खर्च और समय की बर्बादी होती है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह और भी बड़ी चुनौती बन जाती है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि धमतरी में हाई कोर्ट बेंच स्थापित होने से न्यायिक प्रक्रिया में तेजी आएगी। लोगों को समय पर सुनवाई मिल सकेगी, लंबित मामलों के निपटारे में गति आएगी और न्याय तक आम नागरिकों की पहुंच आसान होगी। इससे अधिवक्ताओं को भी स्थानीय स्तर पर बेहतर अवसर मिलेंगे तथा न्यायिक सेवाओं से जुड़े अन्य क्षेत्रों में भी रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी। नागरिकों का कहना है कि छत्तीसगढ़ के भौगोलिक विस्तार और विभिन्न क्षेत्रों से बिलासपुर की दूरी को देखते हुए प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी हाई कोर्ट की बेंच स्थापित करने पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उनका मानना है कि धमतरी अपनी भौगोलिक स्थिति, सड़क संपर्क और आसपास के जिलों से बेहतर कनेक्टिविटी के कारण हाई कोर्ट बेंच के लिए उपयुक्त स्थान हो सकता है। क्षेत्र के विकास में होगी सहायक हाई कोर्ट बेंच बनने से क्षेत्र के विकास को भी नई दिशा मिल सकती है। न्यायिक संस्थानों के विस्तार से प्रशासनिक गतिविधियां बढ़ेंगी, होटल, परिवहन, दस्तावेज़ीकरण, बैंकिंग और अन्य सेवा क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही धमतरी की पहचान एक महत्वपूर्ण न्यायिक केंद्र के रूप में स्थापित हो सकती है। धमतरी न्यायालय में है पर्याप्त जगह बता दें कि धमतरी जिला न्यायालय प्रदेश के बड़े न्यायालयों में से एक है। यहाँ यदि हाईकोर्ट बेंच की स्थापना की जाती है तो यहाँ जगह की कमी नहीं होगी। जबकि प्रदेश के कई जिला न्यायालयों में जगह व कमरों की कमी वर्तमान में भी है, ऐसे में धमतरी में उच्च न्यायालय बेंच स्थापना के लिए जगह रोड़ा नहीं बन पाएगा। बस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की ओर ध्यान देना चाहिए। हाईकोर्ट बेंच स्थापना से धमतरी, बस्तर संभाग सहित आसपास के कई जिलों के लोगों को मिलेगा लाभ – अधिवक्ता संघ अध्यक्ष नीरजधर तिवारी जिला अधिवक्ता संघ अध्यक्ष नीरजधर तिवारी ने कहा कि धमतरी में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना अत्यंत आवश्यक है। पूर्व में कई बार मांग की जा चुकी है और भविष्य में भी विशेष अवसरों पर विशेष तरीके से मांग की जाएगी। धमतरी पहुंचने वाले वरिष्ठ जजो को भी इस संबंध में अवगत कराया जाता है। हाईकोर्ट बेंच की स्थापना धमतरी में होने से, न सिर्फ धमतरी बल्कि पूरा बस्तर संभाग व आस-पास के कई जिले जैसे बालोद, गरियाबंद, महासमुंद दुर्ग आदि के लाखों निवासियों को इसका लाभ होगा। दूरी घटने से समय व पैसों की बचत होगी। गरीब व मध्यमवर्गीय लोगों के लिये न्याय की प्रक्रिया आसान व सस्ती हो पायेगी। धमतरी जिला न्यायालय में बेंच स्थापना के लिये पर्याप्त जगह व अधोसंरचना है। जिला कोर्ट का निर्माण भविष्य को ध्यान में रख कर बनाया गया है।



