दुर्ग-भिलाई कोचिंग सेंटरों में लापरवाही, कई संस्थान सील, दर्जनों को अल्टीमेटम
दुर्ग-भिलाई की 62 कोचिंग सेंटरों को 24 घंटे का अल्टीमेटम तथा 5 बड़े संस्थान सील किए गए हैं।

दुर्ग-भिलाई : लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में आग लगने से 15 छात्रों की मौत के बाद प्रशासनिक अमला पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। प्रदेश के प्रमुख कोचिंग हब माने जाने वाले दुर्ग-भिलाई में पुलिस, एसडीआरएफ और नगर निगम की संयुक्त टीमों ने एक साथ औचक निरीक्षण किया। इस दौरान सुरक्षा नियमों की अनदेखी सामने आई है। प्रशासन ने बिना देरी किए संस्थानों को सील कर दिया है और दर्जनों को अल्टीमेटम थमाया है। इस कार्रवाई में दुर्ग-भिलाई की 62 कोचिंग सेंटरों को 24 घंटे का अल्टीमेटम तथा 5 बड़े संस्थान सील किए गए हैं। ज्ञात हो कि भिलाई में न्यू सिविक सेंटर कोचिंग संस्थानों का सबसे बड़ा गढ़ है, जहाँ अकेले इस इलाके में 100 से अधिक और पूरे जिले में लगभग 150 से 200 कोचिंग सेंटर्स संचालित होते हैं। बुधवार रात एसडीआरएफ और पुलिस की संयुक्त टीम ने यहाँ करीब 2 घंटे तक ताबड़तोड़ जांच की। इस दौरान इमरजेंसी एग्जिट और आवश्यक सुरक्षा इंतजाम न मिलने पर 62 कोचिंग सेंटरों को तत्काल नोटिस जारी किया गया है। इन्हें अपनी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के लिए महज 24 घंटे का समय दिया गया है। वहीं, गंभीर लापरवाही पाए जाने पर प्रशासन ने रामा कोचिंग, कैड एकेडमी मोशन, मोशन स्टडी सेंटर, कोटा स्टडी सर्किल और वेदांतु कोचिंग सेंटर को सील किया है। जांच के दौरान क्लासरूम्स के भीतर जो कमियां पाई गईं, वे किसी बड़े हादसे को न्योता दे रही थीं। अधिकांश संस्थानों में आपातकाल की स्थिति में बाहर निकलने का दूसरा रास्ता था ही नहीं। पूरी बिल्डिंग में आने-जाने के लिए केवल एक ही संकरा रास्ता मिला। कई कोचिंग सेंटर्स में इतनी पतली सीढिय़ां बनी थीं, जिनसे एक बार में केवल एक ही छात्र गुजर सकता है। अधिकारियों ने कहा कि यदि कोई अनहोनी होती है, तो छात्रों के पास ऊपरी मंजिलों से कूदने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचेगा। कई जगहों पर आग बुझाने के उपकरण एक्सपायर्ड हो चुके थे, तो कई जगहों पर उन्हें सही तरीके से इंस्टॉल तक नहीं किया गया था।



